रांची। मध्यप्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। दक्षिण पूर्व रेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर इंदौर–रांची–पुरुलिया के बीच नई नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस रूट पर सीधी ट्रेन सुविधा नहीं होने से यात्रियों, छात्रों और व्यवसायियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी तय करने के लिए उन्हें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
त्रिशताब्दी एक्सप्रेस के रेक के उपयोग का सुझाव
जोशी ने अपने प्रस्ताव में बताया कि त्रिशताब्दी एक्सप्रेस 12913/12914 का आरक्षित रेक मंगलवार से रविवार तक अधिकांश समय पार्किंग में अनुपयोगी रहता है।
यदि सप्ताह में एक दिन इस रेक का उपयोग करते हुए इंदौर–रांची–पुरुलिया के बीच नई ट्रेन चलाई जाए, तो रेलवे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा। इससे अतिरिक्त खर्च के बिना नई सेवा शुरू की जा सकती है।
प्रस्तावित रूट में ये स्टेशन शामिल
प्रस्तावित मार्ग में इंदौर से होते हुए उज्जैन, भोपाल, चोपन, डाल्टनगंज, लोहरदगा, रांची और आगे पुरुलिया तक ट्रेन संचालन का सुझाव दिया गया है।
इस सेवा के शुरू होने से मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों—इंदौर, उज्जैन और भोपाल—से झारखंड व पश्चिम बंगाल के यात्रियों को सीधा संपर्क मिलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कई जनप्रतिनिधियों को भेजा गया पत्र
इस मांग को लेकर रेलवे बोर्ड के सीईओ, पश्चिमी रेलवे के महाप्रबंधक, रतलाम मंडल के डीआरएम सहित राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम और पुरुलिया सांसद ज्योतिरमय सिंह महतो को भी पत्र भेजा गया है।
रेल यात्रियों का कहना है कि यदि यह ट्रेन सेवा शुरू होती है तो तीन राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। अब निगाहें रेलवे मंत्रालय के फैसले पर टिकी हैं।

