नई दिल्ली: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी Indo-Tibetan Border Police (आईटीबीपी) की महिला पर्वतारोहियों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आईटीबीपी की पहली सर्व महिला एवरेस्ट अभियान टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया है।
यह उपलब्धि आईटीबीपी के पर्वतारोहण इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है

🏔️ एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा
8,848 मीटर ऊंचा Mount Everest दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। तमाम कठिनाइयों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद महिला टीम ने इसे फतह कर लिया।
टीम की पहली टुकड़ी ने 21 मई 2026 को रात 12 बजकर 52 मिनट पर एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। यह पल पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

👩🧗♀️ 14 सदस्यीय टीम, 11 महिला पर्वतारोही
इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से हुई थी। टीम में कुल 14 सदस्य शामिल थे, जिनमें 11 महिला पर्वतारोही थीं।
अभियान से पहले टीम ने भारत और नेपाल में कठिन प्रशिक्षण लिया। इसके बाद ऊंचाई वाले इलाकों में खुद को मौसम के अनुरूप ढालने के लिए विशेष तैयारी की
🧭 साउथ कोल रूट से कठिन चढ़ाई
महिला पर्वतारोहियों ने नेपाल के प्रसिद्ध और चुनौतीपूर्ण साउथ कोल रूट के जरिए एवरेस्ट पर चढ़ाई की। यह मार्ग बेहद जोखिम भरा माना जाता है, जहां बर्फीले तूफान, ऑक्सीजन की कमी और खतरनाक दरारें बड़ी चुनौती बनती हैं।इसके बावजूद टीम ने साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए सफलता हासिल
📊 आईटीबीपी का गौरवशाली रिकॉर्ड
Indo-Tibetan Border Police लंबे समय से पर्वतारोहण अभियानों में सक्रिय रहा है।
अब तक 232 पर्वतारोहण अभियान पूरे
माउंट एवरेस्ट पर 5 बार सफल चढ़ाई
दुनिया की कई ऊंची चोटियों पर फतह
यह उपलब्धि इस शानदार रिकॉर्ड में एक और सुनहरा अध्याय हैं।
🌟 महिलाओं की ताकत का प्रतीक
आईटीबीपी की इस सर्व महिला टीम ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिलाएं किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटतीं। यह अभियान न सिर्फ सुरक्षा बलों के लिए, बल्कि देश की हर महिला के लिए प्रेरणा का स्रोत है
📊 निष्कर्ष
आईटीबीपी की महिला पर्वतारोहियों द्वारा एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना भारत के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि साहस, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।