रांची: केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर झारखंड राज्य के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने झारखंड को 27512.53 लाख रुपये (करीब 275 करोड़ रुपये) की बड़ी राशि विमुक्त कर दी है। यह रकम Untied फंड के रूप में जारी की गई है, यानी इस धन का उपयोग राज्य सरकार अपनी प्राथमिकताओं और जरूरतों के हिसाब से विभिन्न विकास कार्यों में कर सकेगी।
केंद्र ने RBI को निर्देश दिया है कि यह राशि जल्द से जल्द झारखंड सरकार के खाते में ट्रांसफर कर दी जाए, ताकि फंड का उपयोग बिना देरी शुरू हो सके।
🏛️ कहां खर्च होगी यह राशि?
यह राशि राज्य के ग्रामीण और शहरी निकायों के जरिए खर्च की जाएगी।
इस फंड का उपयोग होगा—
-
4342 ग्राम पंचायतों
-
253 पंचायत समितियों
-
24 जिला परिषदों
के माध्यम से।
हालांकि, शर्त के तहत 3 ग्राम पंचायतों और 11 पंचायत समितियों में इस राशि का उपयोग नहीं किया जाएगा।
📊 आबादी और क्षेत्रफल के आधार पर होगा बंटवारा
फंड के वितरण के लिए केंद्र सरकार ने स्पष्ट फार्मूला तय किया है:
-
90% वेटेज आबादी के आधार पर
-
10% वेटेज क्षेत्रफल के आधार पर
ग्रामीण क्षेत्रों में राशि का बंटवारा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार होगा।
⏳ 10 दिनों के भीतर करना होगा ट्रांसफर
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि फंड प्राप्त होने के 10 कार्य दिवसों के भीतर
👉 पंचायत राज संस्थाओं
👉 शहरी स्थानीय निकायों
को अनिवार्य रूप से हस्तांतरित कर दिया जाए, ताकि विकास कार्यों में देरी न हो।
🏗️ किन क्षेत्रों में होगा फंड का उपयोग?
क्योंकि यह राशि Untied फंड है, इसलिए इसका उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जैसे—
-
बुनियादी विकास कार्य
-
पेयजल आपूर्ति
-
सड़क और आधारभूत संरचना
-
स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं
-
सफाई एवं स्वच्छता
-
स्थानीय योजनाओं को मजबूती
🌍 ग्रामीण विकास को मिलेगी नई ताकत
इस वित्तीय सहायता से झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पंचायत स्तर पर सड़क, स्वास्थ्य, पानी, स्वच्छता और लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। वहीं, जिला परिषद व पंचायत समितियों को भी योजनाओं को लागू करने में बड़ी मदद मिलेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि झारखंड सरकार इस राशि का कितना प्रभावी और पारदर्शी उपयोग कर पाती है और यह फंड जमीनी स्तर पर कितना बदलाव ला पाता है।

