रांची। झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का धैर्य अब टूटता नजर आ रहा है। कर्मचारियों ने सेवा संचालन संस्था पर भ्रष्टाचार, वेतन विसंगति और श्रम कानूनों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है।
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ, जो भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध है, ने घोषणा की है कि 13 मार्च 2026 को श्रम भवन, डोरंडा (रांची) के समक्ष घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा।
समझौतों के पालन नहीं होने का आरोप
संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि सेवा संचालन संस्था सम्मान फाउंडेशन, पटना द्वारा 30 जुलाई 2025 को हुए समझौते सहित अन्य सहमतियों को अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही और मनमानी के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि नियमित वेतन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना, बच्चों की स्कूल फीस भरना और बैंक लोन चुकाना मुश्किल हो गया है।
PF और ESI में अनियमितता का आरोप
कर्मचारियों ने भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक PF और ESI की कटौती नहीं की गई। नवंबर में वेतन से कटौती की गई राशि को संबंधित खातों में जमा नहीं कराया गया, जबकि दिसंबर में भी पूरी राशि जमा नहीं की गई।
वेतन में देरी और कटौती से बढ़ा आक्रोश
संघ का कहना है कि फरवरी माह से वेतन समय पर नहीं मिल रहा है। साथ ही मनमाने ढंग से कटौती की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
ग्रेच्युटी और भत्ता भुगतान का मुद्दा
वर्ष 2017 से 2023 तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को अब तक Ziqitza Health Care Limited, मुंबई द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा 100 किलोमीटर से अधिक इंटर फैसिलिटी ट्रांसफर (IFT) करने वाले कर्मचारियों को भोजन भत्ता और ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
12 मार्च तक समाधान नहीं तो 13 को घेराव
संघ के महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि कई बार श्रमायुक्त और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 12 मार्च तक मांगों पर न्यायोचित समाधान नहीं हुआ तो 13 मार्च को राज्यभर के कर्मचारी श्रम भवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे।
संघ की ओर से श्रम मंत्री, सचिव, उपायुक्त और अनुमंडलीय पदाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

