झारखंड की राजधानी रांची तेजी से आधुनिक शहर की ओर बढ़ रही है। बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि और रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम ने शहर की यातायात व्यवस्था को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे में राज्य सरकार ने रांची के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में 5 नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रांची की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां एक ओर लोगों का सफर आसान होगा, वहीं दूसरी ओर शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर भी महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा।
क्यों जरूरी हो गए नए फ्लाईओवर?
पिछले कुछ वर्षों में रांची में वाहनों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। हर दिन हजारों नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं, जबकि सड़कें उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई हैं।
इसका परिणाम यह है कि हरमू रोड, कांके रोड, मोराबादी, अशोक नगर, कादरू और हिनू जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय लंबा ट्रैफिक जाम आम बात बन गई है।
लोगों को छोटी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सड़क निर्माण विभाग ने पांच नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना तैयार की है।
कार्तिक ओरांव चौक से एलपीएन शाहदेव चौक तक बनेगा बड़ा फ्लाईओवर
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कार्तिक ओरांव चौक से एलपीएन शाहदेव चौक तक प्रस्तावित लगभग 3 किलोमीटर लंबा वन-वे फ्लाईओवर है।
यह फ्लाईओवर हरमू रोड और कांके रोड के बीच होने वाले भारी ट्रैफिक दबाव को कम करेगा। वर्तमान में इन इलाकों में सबसे अधिक जाम की स्थिति रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से हजारों लोगों को रोजाना राहत मिलेगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
करमटोली से साइंस सिटी तक एलिवेटेड कॉरिडोर
योजना के तहत करमटोली से मोराबादी होते हुए साइंस सिटी तक लगभग 2.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन भी बनाया जाएगा।
यह मार्ग शहर के उत्तरी हिस्से को सीधे जोड़ने का काम करेगा। इसके साथ ही साइंस सिटी क्षेत्र को रिंग रोड से जोड़ने के लिए नई चार लेन सड़क भी विकसित की जाएगी।
इससे शहर के बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों को सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी।
स्वर्णरेखा और हरमू नदी किनारे विकसित होंगे आधुनिक कॉरिडोर
राज्य योजना बोर्ड केवल फ्लाईओवर निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहता। सरकार रांची को अधिक सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए नदी किनारे आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
योजना के अनुसार स्वर्णरेखा नदी के दोनों किनारों पर आधुनिक रिवरफ्रंट फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा हरमू मुक्तिधाम से रेडिसन ब्लू होटल तक लगभग 2.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क हरमू नदी के समानांतर बनाई जाएगी।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अशोक नगर, कादरू और हिनू क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
भूमिगत होंगी बिजली और संचार लाइनें
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि फ्लाईओवर निर्माण के साथ-साथ शहर की सौंदर्यता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
फ्लाईओवर के नीचे और आसपास मौजूद बिजली के तारों तथा संचार केबलों को भूमिगत किया जाएगा। इससे न केवल शहर अधिक व्यवस्थित दिखेगा बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
रियल एस्टेट बाजार में दिखने लगा असर
फ्लाईओवर परियोजनाओं की घोषणा का असर अब रांची के रियल एस्टेट सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है।
मोराबादी, हरमू, अर्गोरा और रिंग रोड से जुड़े इलाकों में संपत्ति खरीदने वालों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने के बाद इन क्षेत्रों की जमीन और फ्लैटों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
कई बिल्डर पहले ही नई आवासीय परियोजनाओं की तैयारी में जुट गए हैं।
निवेशकों के लिए क्यों खास है यह परियोजना?
बेहतर सड़क नेटवर्क का सीधा असर किसी भी शहर के आर्थिक विकास पर पड़ता है।
नई कनेक्टिविटी मिलने के बाद:
- आवागमन आसान होगा
- व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी
- नए निवेश आकर्षित होंगे
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- संपत्ति की कीमतों में वृद्धि होगी
इसी वजह से कई निवेशक अभी से प्रस्तावित फ्लाईओवरों के आसपास जमीन और संपत्तियां खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
रांची के भविष्य की तस्वीर बदल सकती है यह योजना
रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर और कांटाटोली फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं के बाद अब ये पांच नए फ्लाईओवर रांची को एक नए युग में ले जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो आने वाले वर्षों में रांची पूर्वी भारत के सबसे बेहतर योजनाबद्ध शहरों में शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
रांची में प्रस्तावित 5 नए फ्लाईओवर सिर्फ ट्रैफिक जाम कम करने की योजना नहीं हैं, बल्कि यह राजधानी के भविष्य को नई दिशा देने वाली परियोजनाएं हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती निवेश संभावनाएं और सुगम यातायात व्यवस्था रांची को एक स्मार्ट और विकसित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती हैं।