रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के 21 वर्षीय पोते वीर सोरेन की कुल्लू-मनाली में अचानक मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। इस घटना से परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है।
सिविल अस्पताल से मिली सूचना
पुलिस के अनुसार सिविल अस्पताल मनाली से थाना को सूचना मिली कि एक युवक को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पाया कि मृतक वीर सोरेन का शव स्ट्रेचर पर रखा हुआ है।
जांच अधिकारी ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया और फोटोग्राफी करवाई। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए।
दोस्तों के साथ ठहरे थे होम स्टे में
मृतक के साथ आए उनके मित्र अग्नय वर्मा (उत्तर प्रदेश निवासी) का बयान दर्ज किया गया। बयान के मुताबिक, वीर सोरेन 22 फरवरी को दोस्तों के साथ मनाली पहुंचे थे और सिमसा स्थित हिमालयन सैलेट होम स्टे में ठहरे थे।
23 फरवरी को वे सोलंग/सेथन क्षेत्र घूमने गए थे और शाम को वापस लौट आए। 24 फरवरी की दोपहर करीब 12:30 बजे घूमकर लौटने के बाद वीर सोरेन आराम कर रहे थे।
सिरदर्द की शिकायत के बाद बिगड़ी हालत
दोस्तों ने बताया कि उठाने पर वीर ने सिर में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Blinkit के जरिए दवा मंगाकर दी गई। दवा लेने के बाद वे दोबारा सो गए।
करीब 2:30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। जब साथी कमरे में पहुंचे तो देखा कि वे बिस्तर से नीचे गिरे पड़े हैं। तुरंत उन्हें निजी वाहन से सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने के दौरान उनके मुंह से झाग निकलने लगा था। डॉक्टरों ने काफी देर तक सीपीआर (CPR) दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा
फिलहाल शव को मनाली के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद विधि अनुसार पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
इस दुखद घटना से पूरे झारखंड में शोक का माहौल है।

