National School Band Competition 2026 में झारखंड का दबदबा, लड़कों-लड़कियों ने जीता पहला स्थान

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रांची: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के तहत आयोजित नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता 2026 के ग्रैंड फिनाले में झारखंड के स्कूलों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
24 जनवरी को नई दिल्ली के नेशनल बाल भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता में झारखंड की चार टीमों ने देशभर के स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।


🥇 झारखंड ने जीते शीर्ष स्थान

प्रतियोगिता में झारखंड के स्कूलों ने विभिन्न श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राज्य को गौरवान्वित किया—

🎺 पाइप बैंड (लड़कों की श्रेणी)

  • कैरेली स्कूल, एचईसी टाउनशिप, रांची – 🥇 पहला स्थान

🥁 पाइप बैंड (लड़कियों की श्रेणी)

  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके, रांची – 🥇 पहला स्थान

🎶 ब्रास बैंड

  • सेंट जेवियर हाई स्कूल, लुपुंगुटू, चाईबासा – 🥉 तीसरा स्थान

इस उपलब्धि ने झारखंड को राष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर एक अलग पहचान दिलाई है।


🌟 क्यों खास है झारखंड के लिए यह उपलब्धि

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के
2,217 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इतने बड़े मंच पर झारखंड की चार टीमों का फाइनल तक पहुंचना और जीत दर्ज करना राज्य की शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रमाण है।


🗣️ रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की सराहना

विजेता टीमों को बधाई देते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा—

“देश के युवा और नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं। ऐसे मंच बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करते हैं।”

वहीं शिक्षा मंत्रालय ने इस प्रतियोगिता को चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला मंच बताया।


🇮🇳 कर्तव्य पथ पर किसे मिलेगा प्रदर्शन का मौका?

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में
एविला कॉन्वेंट मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल, कोयंबटूर (तमिलनाडु)
को कर्तव्य पथ पर प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, झारखंड के विजेता बच्चों की प्रतिभा को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।


🔔 निष्कर्ष

नेशनल स्कूल बैंड प्रतियोगिता 2026 में झारखंड के स्कूलों की जीत ने यह साबित कर दिया है कि राज्य के छात्र-छात्राएं किसी से कम नहीं हैं। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और झारखंड को शिक्षा व सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।