रांची/तमाड़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शुक्रवार को अपनी धर्मपत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ रांची जिले के तमाड़ स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ सोलहभुजी माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य के सभी लोगों की सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार माँ दिउड़ी के दरबार में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक पुरोहित मनोज पंडा एवं मुख्य पाहन सुखराम जी ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और उनके साथ संवाद भी किया।
माँ दिउड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता पूरे राज्य में विशेष महत्व रखती है।
झारखंड की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान : हेमन्त सोरेन
माँ दिउड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि माँ दिउड़ी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और यहां आने मात्र से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण के लिए उनकी सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने माता रानी से झारखंड की जनता के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है माँ दिउड़ी मंदिर
तमाड़ स्थित प्राचीन माँ दिउड़ी मंदिर को झारखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान रखता है। राज्य के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे को राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।