पुणे में लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर भव्य कार्यक्रम, अजित डोभाल को ‘राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’; युवाओं को दिया खास संदेश

Maharastra के पुणे में स्वतंत्रता सेनानी Bal Gangadhar Tilak की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर देश के गृहमंत्री Amit Shah ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) Ajit Doval को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया।

यह कार्यक्रम देशभक्ति, विचारधारा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा, जिसमें कई गणमान्य हस्तियों ने हिस्सा लिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुणे में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने में अजीत डोभाल की भूमिका काफी अहम रही है। अमित शाह ने यह भी दावा किया कि डोभाल से मिली एक अहम जानकारी के बाद गुजरात पुलिस ने देशभर में हुए इंडियन मुजाहिदीन के 13 बम धमाकों की गुत्थी सुलझाई थी। अमित शाह ने अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया।विवेकानंद फाउंडेशन में भी निभाई अहम भूमिका

अमित शाह ने कहा कि अजीत डोवाल जी ने इंडियन मुजाहिदीन के 13 बम धमाके के जांच की बहुत अहम टिप मुझे दी थी जिसके बाद देशभर के सीरियल बम धमाके की गुत्थी गुजरात पुलिस ने सॉल्व की थी। वहीं अजीत डोवाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल भी महत्वपूर्ण रहा। वहां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जिन विषयों पर चिंतन, चर्चा और मंथन हुआ, उसके निष्कर्ष लंबे समय तक केवल प्रस्तावों और पुस्तकों तक ही सीमित रहे। लेकिन वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किया, तब उन विचारों और निष्कर्षों को जमीन पर उतारने का काम शुरू हुआ।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान।

शाह ने कहा कि हम सभी अजीत डोभाल जी को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में जानते हैं, लेकिन उनके योगदान के कई पहलू ऐसे हैं जिनका व्यापक प्रचार नहीं होता। आज यह अवसर भी है और उचित समय भी कि उनके योगदान का उल्लेख किया जाए। अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पद पर रहने वाले व्यक्ति हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, समय के अनुरूप बदलाव लाने तथा सेना में तकनीक और पराक्रम का बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए और इन फैसलों के पीछे अजीत डोभाल के लंबे अनुभव और रणनीतिक सलाह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अजित डोभाल को मिला प्रतिष्ठित सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने अजित डोभाल को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान की सराहना की।

अजित डोभाल को देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने में उनके अहम रोल के लिए जाना जाता है। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा अभियानों को सफलता मिली है।

युवाओं के नाम अजित डोभाल का खास संदेश

सम्मान ग्रहण करने के बाद अजित डोभाल ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा:

“आज की पीढ़ी को आजादी का असली अर्थ समझना बेहद जरूरी है। कुछ लोग आजादी को मनमर्जी या कुछ भी करने की छूट मान लेते हैं, जबकि यह सोच पूरी तरह गलत है।”

उन्होंने आगे कहा कि आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है और देश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।

तिलक जी के विचारों को किया गया याद

कार्यक्रम में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के योगदान को भी याद किया गया।

तिलक जी को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में गिना जाता है और उनका प्रसिद्ध नारा—

“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है”—आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।

निष्कर्ष

पुणे में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि यह देशभक्ति, जिम्मेदारी और सही मायनों में आजादी को समझने का संदेश भी देता है।

अजित डोभाल का युवाओं को दिया गया संदेश वर्तमान समय में खास महत्व रखता है, जहां आजादी और जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।