Ranchi DC Manjunath Bhajantari: जमीनी स्तर पर बदलाव की नई मिसाल

झारखंड की राजधानी रांची में प्रशासनिक कामकाज को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 2011 बैच के IAS अधिकारी और वर्तमान उपायुक्त Manjunath Bhajantari ने शिक्षा, फीस नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं पर सख्त कदम उठाकर ग्राउंड लेवल गवर्नेंस का नया मॉडल पेश किया है।

RTE एडमिशन: पारदर्शिता के जरिए सिस्टम में बदलाव

रांची में सबसे बड़ी शिकायत यह थी कि Right to Education (RTE) के तहत गरीब बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा था।

👉 नियम के अनुसार निजी स्कूलों में 25% सीटें BPL परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं

👉 लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन कमजोर था

डीसी भजनतरी ने इस समस्या को खत्म करने के लिए:

ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल सिस्टम लागू कराया

सभी निजी स्कूलों के लिए BPL सीटों की जानकारी देना अनिवार्य किया

एडमिशन प्रक्रिया को पारदर्शी और मॉनिटरिंग आधारित बनाया।

👉 प्रशासन की सख्ती के बाद स्कूलों को RTE नियमों का पालन करने के निर्देश

RTE एडमिशन में पारदर्शिता का बड़ा कदम

जब मंज़ूनाथ भजनतरी ने रांची के उपायुक्त का पद संभाला, तो सबसे बड़ी शिकायत सामने आई कि Right to Education (RTE) के तहत गरीब बच्चों को स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल रहा था।

कानून के अनुसार निजी स्कूलों में 25% सीटें BPL परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन कमजोर था।

इस समस्या को दूर करने के लिए डीसी ने एक बड़ा फैसला लिया—

👉 एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पोर्टल तैयार कराया गया

👉 सभी निजी स्कूलों को अपनी BPL सीटों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया

👉 एडमिशन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया

इस पहल से अब जरूरतमंद बच्चों को उनका हक मिनिजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर सख्ती

रांची में कई निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहे थे, जिससे अभिभावक परेशान थे।

डीसी भजनतरी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए—

स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किए

फीस स्ट्रक्चर की जांच कराई

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू की

इससे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ी और अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी पर सख्ती:

अभिभावकों को राहत

रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ोतरी एक बड़ा मुद्दा बन चुका था।

👉 रिपोर्ट्स के अनुसार कई स्कूलों ने फीस में 15% से 30% तक वृद्धि की

👉 साथ ही किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदने का दबाव भी डाला जा रहा था

इस पर डीसी ने:

फीस रेगुलेशन कमेटी को सक्रिय किया

जांच और ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करवाई

नियम उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर जुर्माना और मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी

👉 प्रशासन ने साफ किया कि बिना अनुमति फीस बढ़ोतरी बर्दास्त नहीं होगी।

पानी की समस्या: हैंडपंप रिवाइवल अभियान

रांची के कई इलाकों में खराब पड़े हैंडपंप लोगों के लिए बड़ी समस्या बने हुए थे।

डीसी भजनतरी ने इस दिशा में:

डीसी ने इस समस्या पर भी तेजी से काम करते हुए—

👉 खराब हैंडपंपों की पहचान कराई

👉 मरम्मत और पुनर्जीवन अभियान शुरू किया

👉 ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की पहुंच सुनिश्चित की

इस पहल से हजारों लोगों को सीधा फायदा,बच्चों और समाज कल्याण पर भी फोकस।सिर्फ शिक्षा और पानी ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए चल रही योजनाओं की भी नियमित समीक्षा की गई।

👉 जनवरी 2026 में DC ने चाइल्ड स्पॉन्सरशिप स्कीम के क्रियान्वयन की समीक्षा की

👉 इस योजना का उद्देश्य कमजोर और जरूरतमंद बच्चों के जीवन स्तर में सुधार करना है।

प्रशासनिक बैकग्राउंड और भूमिका

2011 बैच के IAS अधिकारी

झारखंड सरकार द्वारा रांची DC के रूप में नियुक्त

जिला प्रशासन में टेक्नोलॉजी और मॉनिटरिंग आधारित काम पर जोर।

क्यों खास है ‘भजनतरी मॉडल’?

टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शिता

शिक्षा में जवाबदेही

आम जनता की समस्याओं पर फोकस

त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई

ग्राउंड लेवल इम्पैक्ट

निष्कर्ष

Manjunath Bhajantari का मॉडल यह साबित करता है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सही रणनीति से कम समय में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। RTE एडमिशन से लेकर फीस नियंत्रण और पानी की समस्या तक, रांची में हो रहे ये सुधार आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकते RTE एडमिशन से लेकर पानी की सुविधा तक, रांची में उनकी पहलें गुड गवर्नेंस का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही हैं।