कोरबा में आकाशीय बिजली का कहर: 6 साइबेरियन पक्षियों की मौत, ग्रामीणों ने उठाए तड़ित चालक पर सवाल

कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गुरुवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। करतला थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर स्थित दशहरा चौक में खड़े एक इमली के पेड़ पर बिजली गिरने से उस पर बैठे 6 साइबेरियन पक्षियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली इमली के पेड़ पर गिरी, जहां बड़ी संख्या में साइबेरियन पक्षी बैठे हुए थे। बिजली की चपेट में आने से छह पक्षियों की तत्काल मौत हो गई, जबकि अन्य पक्षी घबराकर उड़ गए।

हर साल बरसात से पहले आते हैं साइबेरियन पक्षी

ग्रामीणों के मुताबिक, हर वर्ष बरसात से पहले साइबेरियन पक्षियों का झुंड कोरबा के कनकी क्षेत्र और आसपास के गांवों में पहुंचता है। ग्राम रामपुर में इन पक्षियों को बेहद शुभ माना जाता है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इनका आगमन गांव में समृद्धि, खुशहाली और अच्छी वर्षा का संकेत होता है। यही वजह है कि ग्रामीण इन पक्षियों की सुरक्षा और संरक्षण का विशेष ध्यान रखते हैं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन विभाग

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मृत पक्षियों का पंचनामा तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। वन विभाग ने बताया कि हर वर्ष प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। कई स्थानों पर पेड़ों के नीचे सुरक्षा जाल भी लगाए जाते हैं, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में पक्षियों को कम से कम नुकसान पहुंचे।

तड़ित चालक की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने गांव में स्थापित तड़ित चालक (Lightning Arrester) की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब गांव में तड़ित चालक लगाया गया है, तो फिर बिजली सीधे पेड़ पर कैसे गिर गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे क्षेत्र में लगे तड़ित चालकों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की यह मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन तड़ित चालकों में तकनीकी खराबी है, उन्हें तत्काल बदला जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक क्षमता वाले आधुनिक तड़ित चालक लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने विशेषज्ञों की टीम से पूरे क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कराने और प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने की भी अपील की है।

प्रकृति संरक्षण के साथ सुरक्षा पर भी जोर

यह घटना केवल वन्यजीव संरक्षण ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए स्थानीय सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है। प्रवासी पक्षियों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आकाशीय बिजली से बचाव की व्यवस्थाओं को भी और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपाय जल्द लागू किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।