दिल्ली में CJP प्रदर्शन उग्र, कई हिरासत में; शाह-प्रधान की अहम बैठक

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

संसद की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस से झड़प

प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और संसद भवन की ओर मार्च करने लगे। सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही इलाके में बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

कई लोग हिरासत में, सुरक्षा कड़ी

दिल्ली पुलिस ने एहतियातन कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। संसद परिसर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है।

सोशल मीडिया पर अफवाह और सफाई

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पार्टी नेता अभिजीत दीपक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद ही इस जानकारी को गलत बताया और स्पष्ट किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।

शाह और प्रधान के बीच अहम बैठक

प्रदर्शन के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई। माना जा रहा है कि सरकार स्थिति को शांत करने और छात्रों की मांगों पर चर्चा के लिए रणनीति बना रही है।

अनशन खत्म, बातचीत के संकेत

इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP नेता अभिजीत दीपक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहले ही कुछ शर्तों के साथ अनशन खत्म करने की बात कह चुके हैं और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।

CJP का दावा है कि सरकार ने उनके प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया है, जिससे समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

निष्कर्ष

दिल्ली में CJP का प्रदर्शन अब सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। एक तरफ छात्र और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, तो दूसरी ओर सरकार हालात को काबू में रखने और समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।