रांची: राजधानी रांची के चर्चित एक्सट्रीम बार डीजे संदीप प्रमाणिक हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत 10 दोषियों को 9-9 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने सुनाया। इस फैसले के साथ ही करीब दो वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे संदीप प्रमाणिक के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। यह वही मामला है जिसने मई 2024 में पूरे रांची को झकझोर कर रख दिया था।
कौन-कौन हुए दोषी?
अदालत ने मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की के अलावा उसके पिता अशोक कुमार सिंह, मोहम्मद समीरुद्दीन, प्रतीक, मृत्युंजय कुमार, प्रकाश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, आलोक दीवा, पंकज कुमार और सुमित कुमार को दोषी करार दिया।
सभी के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

आखिर उस रात एक्सट्रीम बार में क्या हुआ था?
26 मई 2024 की रात रांची के एक्सट्रीम बार में सामान्य दिनों की तरह कामकाज चल रहा था। देर रात बार बंद होने की तैयारी हो रही थी। इसी दौरान आधा दर्जन से अधिक युवक बार पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर बार स्टाफ और युवकों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। कुछ देर बाद मामला शांत होता दिखाई दिया और युवक वहां से निकल गए।
लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मामूली विवाद कुछ ही देर में एक खूनी वारदात में बदल जाएगा।
बदला लेने के लिए राइफल लेकर लौटा विक्की
पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद के बाद मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की बेहद गुस्से में था। वह सीधे अपने सेल सिटी स्थित किराए के मकान पहुंचा और वहां से एक राइफल लेकर दोबारा एक्सट्रीम बार लौट आया।
बार के अंदर घुसते ही उसने बिना किसी चेतावनी के डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक को निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विक्की ने संदीप की छाती पर गोली दाग दी। गोली लगते ही संदीप जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद भी नहीं रुका आरोपी का गुस्सा
संदीप को गोली मारने के बाद भी आरोपी शांत नहीं हुआ। वह बार के पार्किंग एरिया में पहुंचा और वहां भी कई राउंड फायरिंग की।
अंधाधुंध गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बार में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ कार में बैठकर फरार हो गया।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
घटना के दौरान एक्सट्रीम बार में लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली थी।
इसी फुटेज ने पुलिस जांच को नई दिशा दी। पुलिस ने वीडियो फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ मजबूत केस तैयार किया।

पुलिस ने 14 आरोपियों को भेजा था जेल
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन एसएसपी, सिटी एसपी और सिटी डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विक्की, उसके पिता अशोक सिंह और उसके कई साथियों समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस हत्याकांड ने उस समय राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। खुलेआम बार के भीतर घुसकर हत्या और उसके बाद अंधाधुंध फायरिंग की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था।
पीड़ित परिवार को मिली राहत
अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद संदीप प्रमाणिक के परिजनों ने संतोष जताया है। हालांकि उनका कहना है कि संदीप की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का भरोसा मजबूत हुआ है।
इस फैसले को राजधानी में बढ़ते अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और गंभीर अपराध करने वालों को अंततः सजा भुगतनी ही पड़ती है।
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