रांची: झारखंड के लिए गर्व की बड़ी खबर सामने आई है। जमशेदपुर के युवा फिल्म निर्देशक रवि राज मुर्मू ने अपनी महज 12 मिनट की संताली शॉर्ट फिल्म ‘आंगेन’ के दम पर देशभर में पहचान बनाई है। उनकी इस फिल्म को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक (Best Debut Film of a Director)’ का सम्मान मिला है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया।

झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया
‘आंगेन’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी पूरी शूटिंग जमशेदपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में की गई है। फिल्म में झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, संताली समाज की परंपराएं, संस्कृति, लोकजीवन और सामाजिक भावनाओं को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। यही कारण है कि यह फिल्म राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायकों की पसंद बनी।
स्थानीय कलाकारों ने निभाई अहम भूमिका
फिल्म में रामचंद्र मार्डी, सलोनी, जीतराय हांसदा और फुलमनी समेत कई स्थानीय कलाकारों ने शानदार अभिनय किया है। इन कलाकारों के सशक्त प्रदर्शन ने फिल्म को और भी जीवंत बना दिया। स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलने से झारखंड के कलाकारों में भी उत्साह का माहौल है।
मेहनत और जुनून से मिली सफलता
रवि राज मुर्मू की यह सफलता लंबे संघर्ष और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज से पूरी की। इसके बाद फिल्म निर्माण और एडिटिंग की बारीकियां सीखने के लिए पुणे का रुख किया। आधुनिक फिल्म निर्माण की तकनीक और अपनी मातृभूमि की सांस्कृतिक विरासत को जोड़कर उन्होंने ‘आंगेन’ जैसी प्रभावशाली फिल्म बनाई, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी बधाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवि राज मुर्मू को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक युवा निर्देशक की उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड की कला, संस्कृति और संताली भाषा के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रवि की यह उपलब्धि राज्य के उभरते फिल्मकारों और युवा कलाकारों को नई दिशा और प्रेरणा देगी।
झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
रवि राज मुर्मू की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड की मिट्टी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि स्थानीय कहानियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं। ‘आंगेन’ की सफलता संताली सिनेमा और झारखंड के फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।