तमिलनाडु राज्य में चल रहे पल्स पोलियो अभियान को नई ऊर्जा देते हुए मुख्यमंत्री थलापति विजय ने खुद बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाकर इसकी शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सरकार की प्राथमिकता है और पोलियो मुक्त समाज बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री का यह कदम न सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत था, बल्कि यह समाज को एक मजबूत संदेश भी देता है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भागीदारी कितनी जरूरी है।
मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना
सीएम विजय का यह पहल सराहनीय है क्योंकि उन्होंने खुद आगे बढ़कर इस अभियान को मजबूती दी। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में केवल औपचारिकता देखी जाती है, लेकिन उन्होंने बच्चों के बीच जाकर सीधे भागीदारी निभाई।
उनकी यह सक्रियता दिखाती है कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर लागू करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।सीएम विजय ने बच्चों को पिलाई पोलियो की बूंदें, स्वस्थ भविष्य की ओर मजबूत कदम के लिए जनता से की अपील।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा—
“हर बच्चा सुरक्षित होगा, तभी हमारा भविष्य मजबूत होगा। आइए, हम सभी मिलकर पोलियो मुक्त समाज बनाने में अपना योगदान दें।”
स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत पहल
सीएम विजय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पोलियो अभियान में उनकी सक्रिय भागीदारी यह दिखाती है कि सरकार जमीनी स्तर पर काम कर रही है और हर नागरिक के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है।
अभियान का महत्व
पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो बच्चों को जीवनभर के लिए विकलांग बना सकती है। लेकिन समय पर दी गई दो बूंदें इस खतरे को पूरी तरह खत्म कर सकती हैं।
इसलिए सरकार लगातार इस अभियान को मजबूत कर रही है और लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर दिलाएं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल सकती है।
👉 उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि:
हर बच्चा सुरक्षित रहेगा तो राज्य मजबूत बनेगा
पोलियो जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करना संभव है
समाज के हर वर्ग को इस अभियान में भाग लेना चाहिए
जनता में उत्साह
मुख्यमंत्री के इस कदम से आम जनता में भी उत्साह देखने को मिला। कई अभिभावकों ने कहा कि जब राज्य का मुखिया खुद आगे आकर बच्चों को दवा पिला रहा है, तो यह सभी के लिए प्रेरणा है।
निष्कर्ष
सीएम विजय का यह कदम केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है। उनके इस प्रयास से न केवल पोलियो अभियान को गति मिली है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है।
👉 अगर इसी तरह सरकार और जनता मिलकर काम करें, तो पोलियो मुक्त भारत का सपना जल्द ही पूरी तरह साकार हो सकता है।