झारखंड के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब सात महीने से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब अगले महीने यानी जुलाई से वेतन मिलने की उम्मीद है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जिलों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि अधिकांश जिलों में शिक्षकों से शपथ पत्र ले लिए गए हैं, लेकिन जीपीएफ खाता खोलने, दस्तावेजों की जांच और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण भुगतान में अभी भी कुछ समय लग रहा है।
7 महीने तक क्यों रुका रहा वेतन?
नवनियुक्त सहायक आचार्यों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन विभिन्न बोर्डों में लंबित होने के कारण उनका वेतन जारी नहीं किया गया था। इससे हजारों शिक्षक आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे थे।
मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचने के बाद उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल प्रमाणपत्र सत्यापन लंबित होने के कारण शिक्षकों का वेतन नहीं रोका जा सकता।
इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश दिया कि शिक्षकों से एक शपथ पत्र (Affidavit) लिया जाए। इसमें यह उल्लेख होगा कि यदि भविष्य में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाते हैं तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी और अब तक मिले वेतन की भी वसूली की जाएगी।
किस जिले में क्या है वेतन भुगतान की स्थिति?
पूर्वी सिंहभूम
- सभी शिक्षकों से शपथ पत्र ले लिया गया।
- वेतन भुगतान का आदेश जारी।
धनबाद
- सभी शिक्षकों के शपथ पत्र जमा।
- तीन महीने का आवंटन जारी।
- अगले 10 दिनों में खाते में वेतन आने की संभावना।
पलामू
- सभी 863 शिक्षकों से शपथ पत्र प्राप्त।
- भुगतान प्रक्रिया शुरू।
गढ़वा
- 420 सहायक आचार्यों का शपथ पत्र जमा।
- वेतन भुगतान की प्रक्रिया जारी।
साहिबगंज
- 179 में से 80 शिक्षकों के प्रमाणपत्र सत्यापित।
- शपथ पत्र देने वाले शिक्षकों का भुगतान आदेश कोषागार भेजा गया।
- जीपीएफ प्रक्रिया के कारण थोड़ी देरी।
लातेहार
- शपथ पत्र लेने की प्रक्रिया जारी।
- जुलाई तक सभी पात्र शिक्षकों को वेतन मिलने की संभावना।
गुमला
- 306 सहायक आचार्यों से शपथ पत्र लिए जा रहे हैं।
रांची
- अनगड़ा प्रखंड के शिक्षकों को एक महीने का वेतन मिला।
- अन्य कई प्रखंडों में तीन महीने का भुगतान।
- बुढ़मू, खलारी, सोनाहातु और नामकुम के कई शिक्षकों का भुगतान अभी लंबित है।
गिरिडीह
- जीपीएफ खाते खोले जा रहे हैं।
- इसके बाद शपथ पत्र लेकर भुगतान किया जाएगा।
लोहरदगा
- सभी 122 शिक्षकों के शपथ पत्र जमा।
- भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में।
कोडरमा
- सभी 22 शिक्षकों से शपथ पत्र लिया गया।
- अभी किसी को वेतन नहीं मिला।
पाकुड़
- शपथ पत्र जमा होने के बाद भुगतान प्रक्रिया जारी।
दुमका
- शपथ पत्र जमा कराए जा रहे हैं।
- भुगतान प्रक्रिया शुरू लेकिन राशि अभी जारी नहीं हुई।
जामताड़ा
- 16 शिक्षकों को नियमित वेतन मिल रहा है।
- 112 शिक्षकों के वेतन भुगतान के निर्देश जारी।
- 107 शिक्षकों को पहले शपथ पत्र जमा करना होगा।
चतरा
- जुलाई से वेतन मिलने की संभावना।
बोकारो
- 335 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच जारी।
- अगले सप्ताह तक भुगतान संभव।
शिक्षकों को क्या मिलेगा फायदा?
विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही हजारों नवनियुक्त सहायक आचार्यों को लंबे समय से लंबित वेतन का लाभ मिलेगा। इससे आर्थिक संकट झेल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जिन जिलों में सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, वहां जल्द ही वेतन सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा।
सरकार का स्पष्ट संदेश
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि सत्यापन की प्रक्रिया अलग चलेगी, लेकिन पात्र शिक्षकों का वेतन रोका नहीं जाएगा। यदि बाद में किसी शिक्षक के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाते हैं तो सेवा समाप्त करने के साथ-साथ दिए गए वेतन की भी वसूली की जाएगी।
निष्कर्ष
झारखंड के हजारों नवनियुक्त सहायक आचार्य पिछले सात महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे थे। अब मुख्यमंत्री के निर्देश और शिक्षा विभाग की सक्रियता के बाद अधिकांश जिलों में भुगतान की प्रक्रिया तेज हो गई है। यदि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो जुलाई से शिक्षकों के खातों में रुका हुआ वेतन पहुंचना शुरू हो जाएगा।