General Dhiraj Seth भारत के नए आर्मी चीफ बने: आर्मर्ड कोर से लेकर ‘सुदर्शन चक्र’ तक का शानदार सफर

भारत की सैन्य व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलाव है। General Dhiraj seth ने देश के 31वें सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) के रूप में पदभार संभाल लिया है। उन्होंने जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ।

जनरल सेठ का सेना प्रमुख बनना कई मायनों में खास है, क्योंकि लगभग तीन दशकों बाद आर्मर्ड कोर से किसी अधिकारी को यह सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख तक का सफर

जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के आर्मर्ड कोर (टैंक रेजिमेंट) से जुड़े रहे हैं। वे 1986 में सेना में कमीशंड हुए और अपने करियर के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।

  • वे प्रतिष्ठित रेजिमेंट 2nd Lancers (Gardner’s Horse) से जुड़े रहे हैं
  • इससे पहले वे Vice Chief of Army Staff के पद पर कार्यरत थे
  • उन्होंने साउथ वेस्टर्न और साउदर्न कमांड जैसे अहम सैन्य कमांड संभाले।
  • पाकिस्तान सीमा से जुड़े दो महत्वपूर्ण कमांड का नेतृत्व सुदर्शन चक्र’ की कमान संभालने का अनुभव।
  • जनरल सेठ का सैन्य अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने भारतीय सेना की सबसे अहम स्ट्राइक कोर में से एक “सुदर्शन चक्र” (XXI Corps) की कमान भी संभाली है।

यह कोर युद्ध के समय तेज और निर्णायक कार्रवाई के लिए जानी जाती है, जिससे उनके नेतृत्व कौशल और ऑपरेशनल अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सम्मान और उपलब्धियां

अपने शानदार करियर में जनरल धीरज सेठ को कई उच्च सैन्य सम्मान मिल चुके हैं:

परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)

उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM)

अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

इन पुरस्कारों से उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और सेवा को मान्यता मिली है।

आधुनिक युद्ध और तकनीक पर फोकस

जनरल सेठ को एक आधुनिक सोच वाले सैन्य नेता के रूप में जाना जाता है। वे भविष्य के युद्ध को तकनीक आधारित मानते हैं और सेना के आधुनिकीकरण पर जोर देते रहे हैं।

उनके नेतृत्व में सेना में इन क्षेत्रों पर खास ध्यान रहने की उम्मीद है:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स

साइबर और डेटा आधारित युद्ध

संयुक्त (थिएटर) कमांड सिस्टम

स्वदेशी रक्षा तकनीक (Atmanirbharat)

क्यों खास है यह नियुक्ति?

30 साल बाद आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख

ऑपरेशनल और स्ट्राइक फोर्स का गहरा अनुभव

आधुनिक युद्ध रणनीति और टेक्नोलॉजी पर पकड़

सीमा सुरक्षा और रणनीतिक कमांड का अनुभव।

निष्कर्ष

जनरल धीरज सेठ का सेना प्रमुख बनना भारतीय सेना के लिए एक नई रणनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है। उनका अनुभव, नेतृत्व और तकनीकी सोच आने वाले समय में सेना को और मजबूत और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

देश की सुरक्षा चुनौतियों के बीच उनका कार्यकाल काफी अहम रहने वाला है, जहां उनसे सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक मजबूती की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।