66जयपुर/पुणे: महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया केतन अग्रवाल हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस शादी को दोनों परिवार साल 2026 की सबसे भव्य और शाही शादी बनाने की तैयारी कर रहे थे, वह अब एक खौफनाक अपराध की कहानी में बदल चुकी है। करोड़ों रुपये खर्च कर राजस्थान के जयपुर में एक आलीशान महल बुक किया गया था, मेहमानों के लिए प्राइवेट विमान तक तय कर दिए गए थे, लेकिन शादी से पहले ही दूल्हे की मौत ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। पुलिस का दावा है कि केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी द्वारा रची गई सुनियोजित हत्या थी।
कौन थे केतन अग्रवाल?
केतन अग्रवाल पुणे के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक के रूप में कार्यरत थे और व्यापारिक जगत में एक उभरते युवा उद्यमी माने जाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत थी और समाज में उनका अच्छा प्रभाव था।
परिवार के अनुसार केतन बेहद मिलनसार, महत्वाकांक्षी और एडवेंचर पसंद युवक थे। ट्रैकिंग और पर्यटन में उनकी विशेष रुचि थी। यही कारण है कि जब उनकी मौत को पहले “ट्रैकिंग हादसा” बताया गया, तब भी परिवार को उस पर संदेह हुआ।
सिया गोयल कौन है?
सिया गोयल भी पुणे के एक समृद्ध कारोबारी परिवार से संबंध रखती है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया और केतन की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी और दोनों की शादी नवंबर 2026 में प्रस्तावित थी।
हालांकि जांच एजेंसियों के मुताबिक, सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी। इसी दौरान उसकी नजदीकियां चेतन चौधरी नामक युवक से बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए।
दिवाली पार्टी से शुरू हुई प्रेम कहानी
पुलिस के अनुसार सिया और चेतन की मुलाकात वर्ष 2025 में एक दिवाली पार्टी में हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच हजारों फोन कॉल और लगातार संपर्क था। जारी रहा और वे लगातार मिलते रहे। इसी दौरान कथित रूप से केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई.
17 करोड़ की शादी की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों परिवार इस शादी को यादगार बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहे थे। जयपुर के एक लग्जरी पैलेस को लगभग 17 करोड़ रुपये में बुक किया गया था। मेहमानों के आवागमन के लिए दो निजी विमान भी तय किए गए थे।
परिवारों ने शादी को लेकर बड़े-बड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई थी। लेकिन किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि शादी से पहले ही ऐसी भयावह घटना सामने आ जाएगी।
कैसे रची गई हत्या की साजिश?
पुलिस जांच के अनुसार यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। कथित तौर पर कई सप्ताह से हत्या की योजना बनाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने केतन को खत्म करने के लिए कई बार प्रयास किया।
जांच में सामने आया कि:
- 31 मई को पहली बार हत्या की कोशिश की गई।
- 4 जून को दूसरा प्रयास किया गया।
- 14 जून को भी योजना बनाई गई, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण उसे टाल दिया गया।
- 18 जून को आखिरकार कथित तौर पर योजना को अंजाम दिया गया।
लोहागढ़ किले में क्या हुआ?
18 जून को सिया गोयल और केतन अग्रवाल महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले गए थे। पुलिस का आरोप है कि वहां चेतन चौधरी भी मौजूद था।
पहले यह बताया गया कि केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गए। लेकिन परिवार ने इस कहानी पर भरोसा नहीं किया। उनका कहना था कि केतन अनुभवी ट्रैकर थे और इतनी आसानी से दुर्घटना का शिकार नहीं हो सकते थे।
बाद में पुलिस को मिले तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। जांच में दावा किया गया कि केतन को धक्का देकर खाई में गिराया गया था।
शुरुआत में मामला दुर्घटना का लग रहा था। लेकिन जब पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो कई सवाल खड़े हो गए। एक व्यक्ति गर्मी के मौसम में हुडी पहनकर घूमता दिखाई दिया, जिसने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा।
इसके अलावा चेतन चौधरी की मोबाइल गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गईं। पुलिस के अनुसार उसने अपने मोबाइल की लोकेशन छिपाने के लिए अलग रणनीति अपनाई थी। घटना वाले दिन उसका फोन लंबे समय तक निष्क्रिय रहा।
इसी के बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं।
परिवार का दर्द
केतन के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि सिया इस शादी से खुश नहीं थी तो वह साफ मना कर सकती थी। किसी की जान लेना किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआत में उनके परिवार ने विवाह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था, लेकिन बाद में बातचीत आगे बढ़ी और रिश्ता तय हुआ।
सोशल मीडिया पर भी मचा बवाल
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस युवक के साथ कुछ महीनों बाद शादी होने वाली थी, उसी के खिलाफ इतनी बड़ी साजिश कैसे रची जा सकती है।
हालांकि सोशल मीडिया पर चल रही कई जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए जांच पूरी होने तक केवल पुलिस और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों को ही अंतिम माना जाएगा।
क्या कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ?
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप अदालत में साक्ष्यों के साथ साबित हो जाते हैं, तो यह मामला पूर्व नियोजित हत्या की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में सजा बेहद कठोर हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही किया जाएगा।
जांच अभी जारी है
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस कथित साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
निष्कर्ष
केतन अग्रवाल हत्याकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत फैसलों के गंभीर परिणामों पर भी सवाल खड़े करता है। एक तरफ करोड़ों रुपये की शाही शादी की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी तरफ कथित तौर पर मौत की साजिश रची जा रही थी। अब पूरे देश की नजर इस मामले की जांच और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।